बायसेक्सुअल दोस्त की गांड मारी Dost Ki Gand Mari Gay Chudai

बायसेक्सुअल दोस्त की गांड मारी Dost Ki Gand Mari Gay Chudai

ये Hindi Gay Sex Story है मेरे बायसेक्सुअल दोस्त की जिसके साथ में बचपन से साथ रह रहा हूँ।

चलिए कहानी पढ़ते है कैसे Dost Ki Gand Mari

बात उस समय की है जब मेरे कॉलेज का अंतिम वर्ष था। मेरे फाइनल एग्जाम ख़त्म हो गए थे, 

और मैं अपने सबसे अच्छे दोस्त ज़्यादातर के साथ क्रिकेट खेलते थे और घूमने जाते थे।

एक दिन जब वो क्रिकेट खेलने नहीं आया तो मैंने उसे पूछा, कि तुम आज खेलने क्यों नहीं आये।

दोस्त – यार मुझे जाना पड़ गया था, इसलिए मैं रात को ले आया था।

मैंने सोचा चलो आज नहीं तो कल वो आएगा ही कहने। पर वो एक हफ्ते तक नहीं आया खेलने, तब मैंने सोचा कि उसकी माँ से पूछना चाहिए।

आंटी की उम्र 39 साल है और उनका फिगर 39-36-34 है। 

तो उन्होंने मुझे बताया कि वो क्यों नहीं आ रहा है। पर उन्हें भी पता नहीं था कि आखिर उसे क्या हुआ है।

वो तीन दिन से कमरे में बैठा रोता रहता है और वो हमारे साथ गांव भी नहीं आया था। » Dost Ki Gand Mari »

मैं – कोई बात नहीं आंटी मैं देखता हूँ।

फिर मैं उसके घर गया और जाकर मैं घंटी बजाई। थोड़ी देर बाद वीरू ने दरवाजा खोला। 

उसने देख कर मुझे यकीन ही नहीं हुआ, कि वो हमारा वीरू है। वह एक दम से मुरझया सा गया था।

उसने मुझे अंदर बुलाया और फिर मैंने दरवाजा बंद कर दिया। फिर वो मेरे गले लग कर रोने लग गया।

मैं – भई क्या हुआ है?

वीरू – भाई मेरा ब्रेकअप हो चुका है।

फिर वो रोने लग गया, मैंने उसे थोड़े देर रोने दिया और फिर उसे पूछा।

मैं – अच्छा हुआ क्या था?

उसने सर नीचे कर लिया और मैं बोला – क्या हुआ?

वीरू – यार अगर मैंने तुझे बता दिया, तो तू भी मुझे छोड़ कर चला जाएगा।

मैं – प्रॉमिस यार मैं नहीं जाउंगा तू बता बस।

वीरू रोते हुए बोला – यार मुझे लड़कियों में कोई दिलचस्पी नहीं है। मुझे गांड मरवाना पसंद है।

ये कह कर उसने शर्म से सिर नीचे कर लिया।

मैं – भाई इसमें तेरी क्या गलती है, ये तो नेचुरल है।

वीरू – पर वो बात समझती नहीं है। » Dost Ki Gand Mari »

ये कह कर वो फिर से रोने लग गया, और मैं बोला – कोई बात नहीं मैं उसे समझता हूँ।

फिर वह थोड़ा शांत हुआ, अचानक उसने मुझे कस कर पकड़ लिया और वह मुझे किस करने लग गया। 

मैं बायसेक्सुअल हूं, पर मेरे लिए उस लड़के के साथ पहला किस था।

मैं – तुम अभी होश में नहीं हो।

वीरू – पर मुझे तुम्हारी जरूरत है।

ये कह कर वो मुझे किस करने लग गया। मैंने भी अब उसे जवाब दिया और उसका मैं साथ में किस करने लगा। 

हमारी किस 10 मिनट तक चली, फिर उसने मेरे और अपने कपड़े उतार दिए।

फिर वो मेरा 8.5 इंच का लंड देख कर खुश हो गया। फिर उसने मुझसे बिना पूछे मेरा लंड अपने मुँह में ले लिया। फिर वो मेरे लंड को चूसने लग गई, वो क्या मस्त लंड चूस रहा था।

करीब 10 मिनट बाद वह घोड़ी बन गई, और अपनी गांड मेरी तरफ करके उसने बोला।

वीरू – अब अपना लंड मेरी गांड में डाल दो।

मुझे पता था कि उसकी टाइट गांड मेरा लंड सहन नहीं कर पाएगी। इसलिए मैंने उसकी गांड को चाटना शुरू कर दिया, इससे वो पागल हो गया था। 

उसने मेरा सिर पकड़ा और मेरे मुँह वो अपनी गांड पर घिसने लग गया।

फिर 10 मिनट बाद वो तेल ले कर आया, और उसने थोड़ा सा तेल मेरे लंड पर लगा दिया। 

और मैंने तेल ले कर उसकी गांड में उंगली डालने लग गया, इसके उसके मुँह से आआह आआह चोदो मुझे, क्योंकि वो आवाज़ निकालने लग गयी।

मैंने उसकी गांड में 15 मिनट तक उंगली की, फिर मैंने अपना लंड उसकी गांड पर रख कर धक्का मारा। 

जिसका मेरा लंड आधा उसकी गांड में चला गया, और वो चीख पड़ा। » Dost Ki Gand Mari »

मैं तभी थोड़ी देर रुक गया, और जब उसका दर्द कम हुआ तो उसने अपनी गांड को आगे पीछे करना शुरू कर दिया। और उसने मुझे गांड मारने का इशारा किया।

मैंने तबादला कर दिया, ३० मिनट तक मैंने उसकी गांड अलग-अलग पोजीशन में मार दी। 

फिर उसकी गांड में अपना पानी निकाल दिया, फिर मैं उसके ऊपर गिर गया।

उसके बाद मैंने उसकी गांड को 3 साल तक मारा। तो दोस्तो ये थी मेरे दोस्त की Gand Chudai Ki Kahani

फिर एक दिन मैं उसकी गांड मार रहा था, पर तभी उसकी माँ भी आ गई। और उन्होंने हम दोनो को पकड़ लिया। 

मगर उनकी नजर मेरे लंड पर ही थी, उन्होंने मुझे बुलाया और उन्होंने मेरे आगे एक शॉर्ट रखी।

दोस्तो ये शर्त थी कि अब मुझे उनके बेटे के साथ उन्हें भी चोदना होगा। मैंने खुश होकर उन्हें किस कर लिया और वो बोली।

आंटी – बेटा मेरी प्यास बुझा दो प्लीज।

फिर मैंने उन्हें ले लिया, उस समय उन्होंने एक लंबी ड्रेस पहन रखी थी। जिसके नीचे उन्होंने कुछ भी नहीं पहना था, फिर मैंने उनको किस करना शुरू कर दिया।

मैं उनके पूरे शरीर पर किस कर रहा था, मेरी हर किस से उनकी चादर पर पकड़ मजबूत हो रही थी। जब मैंने उन्हें नंगा कर दिया, तो वह शर्मिंदा हो गई।

फिर आंटी ने आपको मेरी बाहों में छुपा लिया। फिर मैंने उनको किस करना शुरू कर दिया, 

और मैं नीचे की तरफ आने लग गयी। उनके निपल्स मटर के दाने जितने बड़े थे।

जिन्हे देख कर नहीं रहा, और मैं हाथ से उनको मसल रहा था। जिसे वह चीख पड़ी, मुझे पता न चला जब वीरू दरवाजे पर आ खड़ा हो गया।

मैं उनके निप्पल को मुँह में ले कर चूसने लगा, कभी मैं उनके बाएँ स्तन तो कभी दाएँ स्तन को चूस रहा था। एक घंटे तक उनके स्तन चूस रहा था।

उनके स्तन अब ऐसे लाल हो गए थे, मानो वो अभी कट जाएंगे। फिर मैं उनकी चूत पर आगया, तो मुझे आंटी बोली।

आंटी – चूत चाटना गंदा होता है। » Dost Ki Gand Mari »

मैं – ये ही तो जन्नत है।

फिर मैं उनकी टैंगो के तलवे को चूमने और चटनी लगाने लगी। वो पागलो की तरफ से बस आहें भर रही थी। फिर मैंने उनके पैरों को अंगूठा चूसने लगा।

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उस समय तो वो पूरी पागल हो चुकी थी, और वो चिल्लाने लग गई लेकिन मुझे तड़पाओ नहीं। 

पर मैंने उनकी एक ना सुनी और मैं उनकी जांघों को चाटने लग गया।

फिर मैं उनकी चूत को चाटने लग गया, क्या मस्त महक आ रही थी उनकी चूत में से। करीब एक घंटे 45 मिनट तक मैंने उनकी चूत को चरा, 

और वो इतने में 207 बार झड़कर बेहोश हो चुकी थी।

फिर मैंने उन्हें जगाया और अपना लंड दिखाया, मेरे लंड को देखते ही उनका जोश आ गया। 

और वो मेरे लंड को जोर जोर से चूसने लग गयी। करीब 5 मिनट तक लंड चूसने के बाद वो मुझसे भींग मांगते हुए बोली।

आंटी – अब तो चोदो अपनी रंडी को।

मैंने उन्हें बिस्तर पर लिटाया और उनके ऊपर आकर मैंने उन्हें किस करने लगा। 

फिर मैंने अपना लंड उनकी चूत में सेट कर दिया, और मैंने एक धके में अपना पूरा लंड उनकी चूत में डाल दिया।

फिर मैंने आंटी को इसी पोजीशन में 30 मिनट तक चोदा, और फिर उनको घोड़ी बनाकर 20 मिनट तक चोदा। 

फिर मैं उनकी चूत में ही झड़ गया, जब मैंने पीछे देखा तो वीरू खड़ा अपनी गांड में उंगली डाल रहा था। » Dost Ki Gand Mari »

वो एक दम नंगा होकर आआह आआह कर रहा था। अब मेरे अंदर इतनी जान नहीं थी कि मैं आंटी की गांड मार सकूँ।

फिर आंटी को किस करके बोला – अच्छा आंटी फिर आऊंगा।

इसके बाद क्या हुआ हम अगले Gay Chudai भाग में पढ़ेंगे।