लड़के के साथ सुहागरात की कहानी – Hindi Gay Sex Story

लड़के के साथ सुहागरात की कहानी – Hindi Gay Sex Story

नमस्ते दोस्तों,

मैं दिल्ली में रहता हूँ और मैं आज आपके लिए अपनी एक Hindi Gay Sex Story लेकर आया हूँ।

जिसको पढने के बाद आपको बहुत मजा आने वाला है। पर मैं अपनी लड़के के साथ Suhagraat Ki Kahani बताने से पहले सच में अपने बारे में बताना चाहता हूँ,

आप सब कैसे हो? मेरा नाम नीरज है और मैं दिखने में काफी हैंडसम हूं।

क्योंकि जब तक आप मुझे जान नहीं लेते तब तक कुछ नहीं हो सकता है।

तो दोस्तो मेरा नाम तो आप जान ही चुके हो तो अब थोड़ा बहुत और मेरे बारे में जान लीजिए, क्योंकि अकेले नाम से भी कुछ नहीं हो सकता है।

तो दोस्तो चलो अब मैं आपको अपने बारे में बताता हूँ। मैं काफी नॉटी टाइप का इंसान हूं।

मैंने बचपन में बहुत लोगों की पिटाई भी की है और करु भी क्यों ना आखिर कर वो मुझे छेड़ते जो थे। मैं ऐसे ही अब बड़ा हो गया।

अब जो जैसा बड़ा हो रहा है तो मेरे अंदर के हार्मोन भी बदल रहे हैं। मैंने कुछ समझा इससे पहले ही मेरे दोस्तों ने मुझे सेक्सी वीडियो दिखाना शुरू कर दिया।

पहली बार जब मैंने देखा तो मैं ये सब देख कर ही रह गया। अब ऐसे ही मुझे आदत सी पड़ गई थी। मैं अब खुद ही अपने फोन में सबसे चुप कर ये सब देखता था।

फिर जो हांथो से करना मैंने स्टार्ट कर दिया था। मैं बहुत ही खुश हुआ जिस समय मेरा पहली बार हुआ था। मैं काफ़ी ख़ुशी से ये सब कर रहा था।

और फिर उसके बाद मैंने ऐसे ही अब हाथ से निकालने की आदत डाल ली। पर फिर उसके बाद मैं स्कूल से कॉलेज में आ गया। : ~ Suhagraat Ki Kahani

कॉलेज में आ कर मुझे बहुत अच्छा लगने लगा। मैं ख़ुशी से रहने लग गया,

क्योंकि आप तो जानते ही हो स्कूल के बाद कॉलेज में जब कोई पैर रखता है तो वो कितना खुश होता है। और बस ऐसे ही मेरे साथ भी हुआ था।

मैं काफ़ी ख़ुशी से ऐसे ही मज़े ले रहा था। फिर उस पर मेरी एक आंटी के साथ सेटिंग हो गई थी। आंटी दिखने में 40-45 साल की थी,

और मैं काफी खुश भी था कि चलो इसके साथ कुछ हो सकता है। मैं तो अभी इतना सोचा ही था कि आंटी ने तो पूरी किताब पहले ही लिख रखी थी।

उनसे मैं बात करता और वो मुझसे करती। फिर एक दिन आंटी ने मुझे ओपन चैलेंज दे दिया और मुझे अपने घर पर ले गई।

वहा पर जो कुछ हुआ उनकी मर्जी से हुआ पर जब मेरा लंड उनकी चूत को फाड़ते हुए अंदर चले जाते ही मुझे तो जिससे जान मिल गई।

और फिर मैंने अपनी जिंदगी का पहला सेक्स आंटी के साथ किया था। फिर ऐसे ही इस बत्त को 6 महीने से ऊपर हो गया था।

मैं अब दूसरे की चूत मारने के लिए तड़प रहा था लेकिन मेरे पास कोई लड़की नहीं थी यानी कि मेरी कोई दोस्त नहीं थी कि मैं उसके साथ सेक्स कर पाऊं।

इसलिए मैंने एक प्लान बनाया है कि फेसबुक पर आईडी बनती हूँ और वो वहीं से मुझे मिल ही जाएगी।

आप पढ़ रहे है :- Hindi X Story : ~ Suhagraat Ki Kahani

मैंने अब ऐसा ही किया और वहा पर मेरी कोई गर्ल फ्रेंड तो बनी नहीं पर मेरा एक बहुत ही अच्छा फ्रेंड बन गया।

मेरे उस दोस्त का नाम अजय था। मैं उसे काफी सारी बातें बताता था और वो मुझसे किया करता था।

अब हम दोनो काफी अच्छे दोस्त बन गए थे और मैं उनके साथ काफी खुश था। फिर उसने ऐसे ही एक दिन मुझे अपने घर पर बुला लिया।

उस दिन कॉलेज की छुट्टी थी तो मैंने घर पर कोचिंग का भान मार कर उसके दिए घर के पते पर पाहोंच गया।

उसके पास पांव रखकर मैं उससे मिला और मुझे उससे मिल कर काफी अच्छा लगा क्योंकि मैं तो चाहता ही था कि कोई मुझे समझे।

अब वो मुझे अपने घर के अंदर ले गया। मैं जिस तरह से अंदर पैर रखा तो देखा कि उसका बिस्तर नीचे जमीन पर लगा हुआ था,

और लैपटॉप में एक सेक्सी वीडियो चल रही थी। मैं ये सब देख कर यहां रह गया और सोचने लग गया कि इसने तो मुझे लंच के लिए बुलाया था पर लंच खा गया है।

तभी उसने मुझे बैठने को कहा और फिर मेरे पास आकर मेरे होठों पर किस करने लग गया। मैं तो पहले से ही भूखा था तो मैंने भी उसे नहीं माना और उसका साथ देने लग गया।

मुझे ये सब करने में बहुत मजा आ रहा था। अब हम दोनो करते-करते थक गए होंगे।

हम दोनो एक दूसरे के लंड को हाथो में पकड़ कर ऊपर नीचे कर रहे थे। : ~ Suhagraat Ki Kahani

हम दोनो का लंड भी खड़ा रखा था और फिर हम एक दूसरे पर ६९ की पोजीशन बना कर हम एक दूसरे का लंड चूसने लग गये।

फिर काफी देर तक करने के बाद हम दोनो ने एक दूसरे का पानी निकाल दिया। हम दोनो को खूब मजा भी आया।

और फिर उसके बाद ऐसे ही हमने लैपटॉप में फिर से मूवी देखी। और फिर उसके बाद अजय मुझे कहने लग गया कि तू मेरी गांड मार।

मैंने भी उसकी बात सुन कर पहले लंड को उसके मुँह में डाल कर चूसा। और फिर उस घोड़ी बनने को खा लिया और फिर उसके बाद मैंने उसकी गांड में लंड डाल दिया।

सच कहूँ तो उसकी गांड काफी टाइट थी जिसकी वजह से लंड नहीं जा रहा था। पर फिर भी बाद में जिस तेसे मैंने उसकी गांड में डाल ही दिया और वो चिल्लाने लग गया।

अब वो चिल्ला रहा था और मैं डर रहा था पर मैं फिर भी चोदता रहा और काफ़ी देर तक चोदने के बाद मैंने अपना माल उसकी गांड में निकाल दिया।

और फिर उसके लंड को हाथ से हिलाकर उसका माल भी निकाल दिया। यार तो मेरा भी यही था, : ~ Suhagraat Ki Kahani

पर अब अजय की इतनी हिम्मत नहीं थी कि वो कुछ कर पाए और फिर हम दोनो होटल में लंच के लिए चले गए।

बस दोस्तो ये थी मेरी Gay Sex Stories in Hindi आपको केसी लगी मुझे बताना मत भूलना